Tectonic Plate – Afar Triangle africa

 

 

Afar Triangle Africa
                                                                       Pic : Afar Triangle Africa

 

 

 

 

  • भौमिकी विवर्तन:

    • अफार ट्रायंगल (Afar Triangle Africa) हॉर्न ऑफ अफ्रीका में स्थित है, जहाँ तीन विवर्तनिक प्लेटें (न्युबियन, सोमाली, और अरेबियन) मिलती हैं.
    • 🌍 इसका भौमिकी महत्व है क्योंकि यह विवर्तनिक सीमाओं का संग्रहस्थल है, जो भूमध्यसागरीय न्यूरोनिक रिफ्ट के हिस्से के रूप में कार्य करता है।
  • पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट प्रणाली:

    • अफार ट्रायंगल पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट प्रणाली का एक हिस्सा है, जो अफार क्षेत्र से लेकर पूर्वी अफ्रीका तक फैला है।
    • 🌋 इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पृथ्वी की क्रूर प्रकृति को अध्ययन करने में मदद करता है, जिसमें भूकम्प, ज्वालामुखी, और अन्य भौतिक प्रक्रियाएं शामिल हैं।
  • पुराजीवी इतिहास:

    • अफार ट्रायंगल का इतिहास पुराजीवी है, और यहाँ प्रारंभिक होमिनिन के जीवाश्म नमूनों की खोज भी हुई है।
    • 🦴 इसका महत्व उन्हें हमारे प्राचीन अंतःप्राणी निवासियों के जीवन के बारे में समझने में है, जो हमारे मानव होने के लिए महत्वपूर्ण थे।
  • टेक्टोनिक संचलन और रिफ्ट विस्तार:

    • अफार क्षेत्र में वर्षों से टेक्टोनिक संचलन की क्रमिक रूप से घटित हो रही है।
    • 🏞️ वर्ष 2005 में, इथियोपिया के रेगिस्तान में एक बड़ा भ्रंश विस्तार देखने को मिला।
    • यह परिणामस्वरूप अफ्रीका महाद्वीप के निरंतर विवर्तनिक पृथक्करण को प्रदर्शित कर रहा है।
  • भ्रंश के विस्तार के लिए उत्तरदायी कारक:

    • माना जाता है कि स्थानांतरण प्रक्रिया को चलाने वाले प्रमुख कारकों में से एक पूर्वी अफ्रीका के नीचे से अत्यधिक गर्म चट्टानों का विशाल समूह उठ रहा है।
    • 🌋 यह प्लम ऊपरी परत पर दबाव डाल सकता है, जिससे यह खिंच सकता है और टूट सकता है।
  • मैग्माटिज़्म और ज्वालामुखी:

    • मैग्माटिक गतिविधियाँ, विशेष रूप से एर्टा एले ज्वालामुखी में, टेक्टोनिक संक्रमण के सुराग प्रदान करती हैं, जिसमें ऐसी विशेषताएँ होती हैं जो मध्य-महासागर के रिज की नकल करती हैं।
    • 🔥 यह मैग्मा पृथ्वी की सतह के नीचे से आने वाली ताप और दबाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
  • महासागर का निर्माण:

    • अफार क्षेत्र में चल रहे भ्रंश विस्तार से संभावित रूप से एक नए महासागर का निर्माण हो सकता है।
    • 🌊 इसे अस्थायी रूप से “अल्वर-टाइड अटलांटिक रिफ्ट” नाम दिया जा सकता है।
  • पानी का नया भंडार:

    • इस नए महासागर के निर्माण से अफ़ार क्षेत्र और पूर्वी अफ्रीकी दरार घाटी में लाल सागर तथा अदन की खाड़ी में आने वाली बाढ़ का परिणाम होगा।
    • 💧 यह एक नया परिस्थिति और जलवायु परिवर्तन का कारण बनेगा।

 

 

Major Points of Afar Triangle Africa :

मध्य महासागरीय कटक:

    • मध्य-महासागरीय कटक एक अधिक गहरे पानी के नीचे की पर्वत शृंखला है, जो समुद्री परत में टेक्टोनिक प्लेटों के बीच अलग-अलग सीमाओं के साथ बनती है।
    • 🌋 इन कटकों की विशेषता ज्वालामुखीय गतिविधि और मेंटल से मैग्मा का ऊपर उठना है, जो जम कर एक नई समुद्री परत बनाता है।
  • मध्य-महासागरीय कटकें की विशेषताएँ:
    • ये कटकें समुद्र तल के विस्तार की प्रमुख विशेषताएँ हैं, जहाँ टेक्टोनिक प्लेटों के अलग होने से लगातार नई परत बनती रहती है।
    • 🏞️ इनकी महत्वपूर्ण भौतिकी गतिविधियाँ और संरचना पृथ्वी के भूगर्भीय प्रक्रियाओं को दर्शाती हैं और समुद्री भूमि के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

 

Tectonic Plate - Afar plate africa
                                                          Pic : Tectonic Plate – Afar Triangle africa

टेक्टोनिक/विवर्तनिकी मूवमेंट:

      • टेक्टोनिक मूवमेंट और टेक्टोनिक/विवर्तनिकी प्लेटों की परस्पर क्रिया के कारण पृथ्वी के स्थलमंडल की बड़े पैमाने पर होने वाली गति को संदर्भित करता है।
      • 🌍 इसका प्रमुख परिणाम है भूमिकी दरारें, भूकंप, और पर्वत निर्माण।
  • विवर्तनिक सीमाएँ:
    • विवर्तनिक हलचलों के कारण बनने वाली सीमाएँ तीन मुख्य प्रकार की होती हैं: अपसारी सीमाएँ, अभिसरण सीमाएँ, और परिवर्तन सीमाएँ।
    • 🚩 ये सीमाएँ टेक्टोनिक प्लेटों के संघर्ष और अलगाव के परिणामस्वरूप उत्पन्न होती हैं।

 

रिफ्टिंग (Rifting) :

    • रिफ्टिंग उस भूवैज्ञानिक प्रक्रिया को संदर्भित करता है जहाँ पृथ्वी का स्थलमंडल/लिथोस्फीयर (पृथ्वी की सबसे बाहरी परत) खिंचती और पतली होती है, जिससे दरार घाटियों या बेसिनों का निर्माण होता है।
    • 🌋 यह प्रक्रिया आमतौर पर अपसारी प्लेट सीमाओं पर होती है जहाँ टेक्टोनिक प्लेटें एक दूसरे से दूर चली जाती हैं।
  • टेक्टोनिक तनाव:
    • जैसे-जैसे प्लेटें अलग होती जाती हैं, तनावग्रस्त ताकतें स्थलमंडल में दरार और टूटने का कारण बनती हैं।
    • 🏞️ इससे भ्रंश क्षेत्र (Rift Zones) का निर्माण होता है, जो भूमिकी दरारें और समुद्री बेसिनों के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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